22 November 2017

WISDOM ----- यदि अंत:करण मलिन और अपवित्र है तो ईश्वर की उपासना भी फलवती नहीं होती

अधिकतर  व्यक्ति  ईश्वर  को  याद करते  हैं  ,  पूजा -पाठ ,  उपासना  ,   -  आदि  कर्मकांड करते  हैं   परन्तु   फिर    भी  गई - गुजरी     स्थिति  में   रहते    हैं   l  कारण  है --- अन्दर  के  पाप कर्म     और  दुष्प्रवृत्तियों  में  लिप्त  रहना   l  फिर  यह  ढोंग  हुआ  ,  इसके  बदले  ईश्वर  की  कृपा  कैसे  मिले   ?   प्रभु  कृपा  की  एक  ही   शर्त  है ------ पवित्रता   l  

21 November 2017

WISDOM ------ जागरूकता जरुरी है

  प्रजातंत्र  जब  असफल  होता  है  तो  उसका  स्थान  तानाशाही  लेती  है  l  इस  दुर्भाग्य  का  कारण  है --- दुर्बल  सरकारें  l  प्रजातंत्र  में  सफल  सरकार  वह  है   जो  भय  और  गरीबी  से  जनता  को  बचा  सके   अन्यथा  लोग  सब्र  खो  बैठेंगे   और  गृह युद्ध  जैसी  स्थिति  में  तानाशाही  उठ  खड़ी  होती  है  l
  प्रजातंत्र  की  सफलता  ऐसी  सशक्त  सरकार   पर  निर्भर  है   जो  जनता  के  हितों  की  रक्षा  कर  सके   l  ऐसी  सरकार  बना  सकने  के  लिए  सशक्त  और  सजग  जनता  का  होना  आवश्यक  है   l   वस्तुतः  जाग्रत  जनता  ही   प्रजातंत्र  सफल  बनती  है   और  वही  उसका  लाभ  लेती  है   l  

20 November 2017

WISDOM ---- अतीत के अनुभवों से सीखें और आगे बढ़ चलें

    विद्वानों  का  मत  है  कि   पुराने  अनुभवों  को  बोझा  नहीं  बनने  देना  चाहिए  l  अनुभवों  को  वर्तमान  की  कसौटी  पर  परखते  रहना  चाहिए  l  अर्जित  ज्ञान  में  जो  आज   भी    प्रासंगिक  है  , उसे  ग्रहण  करना  चाहिए  और  जो  प्रासंगिक  नहीं  रहा  उसे  सुखद  स्मृतियों  के  लिए  छोड़  देना  चाहिए  l  ज्ञान    को       व्यवहार  की   कसौटी  पर  निरंतर  परिष्कृत    करने  से  ही  वह  सजीव  रहता  है  l   बीते  हुए  का  शोक  छोड़ें  और  भविष्य  के  समुज्ज्वल  जीवन  की   ओर   बढ़ें  l  आकाश  में  कितने  तारे  रोज  टूटते  हैं  --- इस  संबंध  में  हरिवंशराय  बच्चन  ने  लिखा  है ----  ' जो  छूट  गए  फिर  कहाँ  मिले ,  पर  बोलो   टूटे  तारों  पर  ,  कब  अम्बर  शोक  मनाता  है  l 

19 November 2017

जिन्होंने चीन को विकसित और शक्तिशाली देश बनाने का प्रयत्न किया ----- माओत्से तुंग

   बीसवीं  सदी के   प्रारंभ  में  जब   चीन  की  चर्चा  होती  थी   तो  सभी  उसे   अफीमची  और  आलसियों  का  देश  कहते  थे   l  स्वाभिमानी  चीनियों  ने  जब  भयंकर   अकाल  में  भी   बाहर  से  आई  मदद  को  नकार  दिया  और  विदेशी  सहायता  अस्वीकार  कर  दी  ,  तब  लोगों  ने  जाना  कि   एक  दिलेर ,  जाँबाज  माओत्से -तुंग  वहां  उठ  खड़ा  हुआ  है  l  बीहड़  जंगलों  में  मुक्ति  संघर्ष  के  दौरान   नेतृत्व   करने  वाले  माओ  ने  बुर्जुआ वादी   शासन तंत्र  से  मोर्चा  लिया  l  क्रांति  का  सफल  संचालन  किया   l  राष्ट्र  के  गाँव - गाँव  की   सात  हजार  मील  की  पैदल  यात्रा  संपन्न  की   l  संसार  में  सबसे  ज्यादा  आबादी  वाला   यह  देश  आज  इतना  आधुनिक ,  तकनीकी  से  संपन्न और  विकसित  बन  गया  है   तो  उसका  श्री  माओत्से तुंग  को  ही  जाता  है  l 

18 November 2017

WISDOM ------ काल बड़ा बलवान है

'  काल  की  बड़ी  महिमा  है  l  काल  की  महिमा  से  जो  अवगत  होते  हैं  ,  वे  उसको  प्रणाम  कर  के  उसके  अनुकूल  स्वयं  को  ढाल  लेते  हैं  l  काल  बड़े - बड़ों  को  धराशायी  कर  देता  है  l  बड़े - बड़े  साम्राज्य  जिनकी  कहीं  कोई  सीमा   तक   नजर  नहीं  आती  है  , जिनका  सूर्य  कभी  ढलता  तक  नहीं  है  ,   इतने  बड़े  एवं  व्यापक  साम्राज्य  को  भी  काल  क्षण  भर  में   धूल - धूसरित  कर  देता  है   l
  ' काल  उठाता  है  तो  एक  तिनका  भी  पहाड़  बन  जाता  है  l  एक  असहाय  निर्बल  भी  बलशाली   बन  जाता  है    l
  पुराणों  में  एक  कथा  है  कि ------   विष्णु  भगवन  ने   वामन  रूप  धरकर    राजा  बलि  से  दान  में  तीन  पग  जमीन  मांग  ली   और  इन  तीन  पग  में   तीनो  लोकों  को  नाप   कर  राजा  बलि  को   पाताल  लोक  पहुंचा  दिया  l   महाराज  बलि  ने  कहा ------  "    आज  काल  हमारे  साथ  नहीं  खड़ा  l  ऐसे   विपरीत  समय  में   कोई     ज्ञान ,  कोई   तप ,   कोई  साधान   काम  नहीं  आता  है  l    काल  की  इस  विपरीत  दशा  में   हमें  शांत  एवं  स्थिर  बने  रहना  चाहिए  l  प्रभु  द्वारा  निर्धारित  स्थान  पर  रहकर   और  अपनी  भक्ति  के  सहारे   आने  वाले  अनुकूल  समय  की   प्रतीक्षा   के  अलावा  और  कोई  विकल्प  नहीं  है   l  इस  समय  कोई  प्रयास - पुरुषार्थ  काम  नहीं  आता ,  कोई  अपना  भी  साथ  नहीं  देता   l  केवल  ईश्वर  ही  सुनते  हैं  और  साथ  देते  हैं   l   यही  सत्य  है  l  

17 November 2017

WISDOM ----- जो उदार हैं , वही इनसान हैं

 मनुष्य  को  जो  सम्पदाएँ  मिली  हैं   वह  सिर्फ  इसलिए  मिली  हैं  कि  अपनी  आवश्यकताएं  पूरी  करने  के  बाद  जो  शेष  बच    जाता  है   उसका  उपयोग  संसार  में  सुख - शान्ति  और  समृद्धि  बढ़ाने  के  लिए  करें  l
       भेड़ों  से  हमें  नसीहत  लेनी  चाहिए  l  भेड़  अपने  बदन  पर  ऊन  पैदा  करती  है     और  वह  उसे  लोक  हित  के  लिए  मनुष्यों  को  देती  है  l  उस  ऊन  से  कम्बल , गर्म  कपडे  बनते  हैं  ,  जिससे  लोगों  को  ठण्ड  से   बचाव  होता  है  l  जितनी  बार  ऊन   काटी  जाती  है  उतनी  ही  बार  नयी  ऊन  पैदा  होती  चली  जाती  है  ,  प्रकृति  उस  ऊन  का  मुआवजा  बार - बार  देती  है  l   मनुष्य  को  रीछ  जैसा  नहीं  होना  चाहिए  l  वह  अपनी  ऊन  किसी  को  नहीं  देता   इसलिए   जितनी  ऊन   भगवान  से  लेकर  आया  था  ,  कुदरत  ने  उससे  एक  अंश  भी  अधिक  उसे  नहीं  दी   l 

16 November 2017

WISDOM

   श्रवणकुमार  के  माता -पिता  अंधे  थे  ,  पर  उनकी  इच्छा   तीर्थ यात्रा  की  थी  l  श्रवणकुमार  ने  आश्चर्य  से  पूछा ,  जब  आप  लोगों  को  दीखता  ही   नहीं  है  और  देव दर्शन  कर  नहीं  सकेंगे  ,  तो  ऐसी  यात्रा  से  क्या  लाभ   ?  पिता  ने  कहा ,  तात ! तीर्थयात्रा  का  उद्देश्य  देव दर्शन  ही  नहीं  है ,  वरन  लोगों  के  घर - घर  गाँव - गाँव  जाकर  जन संपर्क  साधना और  धर्मोपदेश  करना  है  l  यह  कार्य  हम  लोग  बिना  नेत्रों  के  भी  कर  सकते  है  l  इनसे  इन  दिनों  जो  निरर्थक  समय  बीतता  है  ,  उसकी  सार्थकता  बन  पड़ेगी  l